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Technology News: iPhone पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाने को लेकर Apple के Hardware VP का बड़ा बयान, Ceramic Shield 2 कितना मजबूत?

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | iPhone की Ceramic Shield 2 स्क्रीन को लेकर Apple के Hardware VP Tom Marieb ने स्क्रीन प्रोटेक्टर पर अपनी राय बताई है। जानिए नई स्क्रीन तकनीक कितनी मजबूत है और यूजर्स के लिए इसका क्या मतलब है।

नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026, Alam Ki Khabar: नया आईफोन खरीदने के बाद ज्यादातर यूजर्स सबसे पहले उसकी स्क्रीन को सुरक्षित रखने के बारे में सोचते हैं। महंगे स्मार्टफोन पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाना अब आम बात है। लेकिन Apple के Hardware Engineering Vice President Tom Marieb की राय इस आदत से थोड़ी अलग है। हालिया बातचीत में उन्होंने बताया कि जब वह किसी आईफोन पर स्क्रीन प्रोटेक्टर देखते हैं तो उन्हें यह देखकर अच्छा नहीं लगता, क्योंकि कंपनी ने स्क्रीन की मजबूती और लंबे समय तक इस्तेमाल को ध्यान में रखकर काफी विस्तृत इंजीनियरिंग और टेस्टिंग की है। 

Ceramic Shield 2 पर Apple का भरोसा

नई पीढ़ी के आईफोन में स्क्रीन की मजबूती बढ़ाने के लिए Ceramic Shield 2 का इस्तेमाल किया गया है। iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में सामने की तरफ Ceramic Shield 2 दिया गया है। कंपनी के अनुसार यह पिछली पीढ़ी के iPhone 16 Pro की तुलना में स्क्रैच के प्रति तीन गुना बेहतर प्रतिरोध देता है। 

यही तकनीक iPhone Duo में भी दी गई है। कंपनी के आधिकारिक स्पेसिफिकेशन के मुताबिक फोल्डेबल iPhone Duo की बाहरी स्क्रीन पर भी Ceramic Shield 2 मौजूद है। 

Tom Marieb का कहना है कि स्क्रीन को मजबूत बनाने का मतलब सिर्फ उसे ज्यादा कठोर बना देना नहीं है। इंजीनियरों के सामने असली चुनौती ऐसी स्क्रीन तैयार करने की होती है जो रोजाना के इस्तेमाल में खरोंच से भी बचे और सामान्य परिस्थितियों में टूटने का जोखिम भी कम रहे।

स्क्रीन को मजबूत बनाना इतना आसान नहीं

स्मार्टफोन की स्क्रीन में मजबूती के कई पहलू होते हैं। एक तरफ खरोंच से बचाव जरूरी है तो दूसरी तरफ गिरने या दबाव पड़ने की स्थिति में कांच को संभालना भी जरूरी होता है।

अगर किसी ग्लास को सिर्फ ज्यादा कठोर बनाने पर जोर दिया जाए तो उसके दूसरे गुण प्रभावित हो सकते हैं। वहीं केवल गिरने से बचाने पर ध्यान देने से सतह पर स्क्रैच आने की संभावना बढ़ सकती है।

Ceramic Shield 2 को विकसित करते समय इसी संतुलन पर जोर दिया गया है। Apple के अनुसार नई तकनीक में स्क्रीन की स्क्रैच रेजिस्टेंस को बेहतर किया गया है, जबकि डिस्प्ले की मजबूती और रोजाना इस्तेमाल की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। 

पांच साल के इस्तेमाल जैसा टेस्ट

Tom Marieb ने स्क्रीन और डिवाइस की मजबूती को जांचने के लिए की जाने वाली टेस्टिंग के बारे में भी बताया। इंजीनियरिंग प्रक्रिया में वास्तविक जिंदगी के इस्तेमाल जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है।

फोन जेब में कैसे रहता है, अलग-अलग चीजों के संपर्क में आने पर स्क्रीन पर कितना असर पड़ सकता है और लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद उसकी सतह में किस तरह का बदलाव आता है, ऐसी परिस्थितियों को टेस्टिंग में शामिल किया जाता है।

Marieb के अनुसार Apple की टेस्टिंग प्रक्रिया में कम समय के भीतर लंबे इस्तेमाल जैसी परिस्थितियों को दोहराने की कोशिश की जाती है। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग टेस्टिंग के एक चक्र में करीब पांच साल के इस्तेमाल जैसी परिस्थितियों को सिम्युलेट किया जा सकता है। 

क्या इसका मतलब स्क्रीन गार्ड की जरूरत खत्म हो गई?

यहां एक बात समझना जरूरी है। Ceramic Shield 2 को मजबूत और ज्यादा स्क्रैच-रेजिस्टेंट बनाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आईफोन की स्क्रीन किसी भी परिस्थिति में टूट नहीं सकती।

फोन अगर ऊंचाई से गिरता है, किसी कठोर सतह से टकराता है या उस पर असामान्य दबाव पड़ता है तो नुकसान की संभावना बनी रहती है। स्क्रीन प्रोटेक्टर ऐसी स्थिति में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत का काम कर सकता है।

इसलिए स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाना है या नहीं, यह यूजर के इस्तेमाल पर निर्भर करता है। जो लोग फोन को अक्सर जेब में दूसरी चीजों के साथ रखते हैं या फोन गिरने की आशंका ज्यादा रहती है, उनके लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपयोगी हो सकती है। वहीं जो लोग स्क्रीन की मूल स्पष्टता, स्पर्श अनुभव और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं, वे Ceramic Shield 2 पर भरोसा करने का विकल्प चुन सकते हैं।

सस्ते स्क्रीन गार्ड में क्या समस्या हो सकती है?

हर स्क्रीन प्रोटेक्टर एक जैसा नहीं होता। कम गुणवत्ता वाले ग्लास या प्लास्टिक प्रोटेक्टर से स्क्रीन की मूल चमक और देखने का अनुभव प्रभावित हो सकता है।

कुछ सस्ते प्रोटेक्टर पर उंगलियों के निशान जल्दी दिखाई देते हैं। इसके अलावा ज्यादा रिफ्लेक्शन, किनारों पर धूल जमा होना और स्पर्श प्रतिक्रिया में मामूली अंतर जैसी परेशानियां भी कुछ उत्पादों में देखने को मिल सकती हैं।

हालांकि यह हर स्क्रीन प्रोटेक्टर पर लागू नहीं होता। बेहतर गुणवत्ता वाले प्रोटेक्टर इन समस्याओं को कम करने के लिए बनाए जाते हैं।

iPhone 18 Pro में भी Ceramic Shield 2

Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में Ceramic Shield 2 के साथ कई अन्य हार्डवेयर बदलाव किए हैं। कंपनी के अनुसार दोनों मॉडल में एल्युमिनियम यूनिबॉडी डिजाइन और आगे Ceramic Shield 2 दिया गया है। iPhone 18 Pro में 6.3 इंच और Pro Max में 6.9 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले मिलता है। 

भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 है। 

इतनी कीमत वाले फोन में स्क्रीन की सुरक्षा को लेकर यूजर्स का सावधान रहना स्वाभाविक है। यही वजह है कि Ceramic Shield 2 की मजबूती के बावजूद स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर बहस बनी रह सकती है।

iPhone Duo में भी नई स्क्रीन तकनीक

Apple ने अपना पहला फोल्डेबल आईफोन Duo भी पेश किया है। इसमें 7.6 इंच की अंदरूनी फोल्डिंग स्क्रीन और 5.4 इंच की बाहरी स्क्रीन दी गई है। बाहरी स्क्रीन पर Ceramic Shield 2 इस्तेमाल किया गया है। 

भारत में iPhone Duo की बिक्री 23 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसके 256GB मॉडल की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। 512GB मॉडल ₹3,24,900, 1TB मॉडल ₹3,74,900 और 2TB मॉडल ₹4,49,900 की कीमत के साथ उपलब्ध होगा। 

फोल्डेबल फोन में स्क्रीन की मजबूती और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इसमें डिस्प्ले के साथ हिंज और फोल्डिंग मैकेनिज्म भी लगातार इस्तेमाल होता है।

फोन की स्क्रीन को लेकर यूजर्स क्या करें?

अगर कोई यूजर फोन को सावधानी से इस्तेमाल करता है और स्क्रीन पर अतिरिक्त परत नहीं लगाना चाहता तो नई Ceramic Shield 2 तकनीक पहले के मुकाबले बेहतर सुरक्षा देती है। Apple ने इसे खास तौर पर बेहतर स्क्रैच रेजिस्टेंस के साथ पेश किया है। 

दूसरी तरफ अगर फोन के गिरने, खरोंच लगने या रोजाना कठिन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने की आशंका ज्यादा है तो अतिरिक्त स्क्रीन प्रोटेक्शन का विकल्प भी मौजूद है।

यानी Tom Marieb की टिप्पणी को हर यूजर के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर छोड़ने की सलाह के तौर पर देखना जरूरी नहीं है। यह मुख्य रूप से उस इंजीनियरिंग पर उनके भरोसे को दिखाता है जिसे Apple ने नई स्क्रीन तैयार करते समय विकसित किया है।

Apple की स्क्रीन इंजीनियरिंग पर बढ़ा फोकस

नई स्क्रीन तकनीक से यह भी पता चलता है कि स्मार्टफोन कंपनियां अब केवल डिस्प्ले की ब्राइटनेस या रेजोल्यूशन पर ध्यान नहीं दे रही हैं। लंबे समय तक स्क्रीन की गुणवत्ता बनाए रखना भी डिजाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

Ceramic Shield 2 में स्क्रैच रेजिस्टेंस को बेहतर करना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। कंपनी की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक iPhone 18 Pro में पिछली पीढ़ी की तुलना में स्क्रैच रेजिस्टेंस में बड़ा सुधार किया गया है। 

अब यूजर के सामने सवाल यह है कि वह अतिरिक्त सुरक्षा चाहता है या फोन की मूल स्क्रीन का अनुभव बिना किसी अतिरिक्त परत के लेना चाहता है। दोनों विकल्पों के अपने फायदे और सीमाएं हैं।

Editorial: महंगे फोन में सुरक्षा और अनुभव के बीच संतुलन जरूरी

महंगे स्मार्टफोन खरीदने के बाद स्क्रीन को सुरक्षित रखने की चिंता स्वाभाविक है। लेकिन नई स्क्रीन तकनीक यह दिखाती है कि निर्माता अब डिवाइस की मजबूती को शुरुआत से ही डिजाइन का हिस्सा बना रहे हैं।

Ceramic Shield 2 को लेकर कंपनी के दावे निश्चित रूप से दिलचस्प हैं, लेकिन किसी भी ग्लास को पूरी तरह टूटने या खरोंच से मुक्त मानना सही नहीं होगा। यूजर को अपने इस्तेमाल, फोन गिरने की संभावना और स्क्रीन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।

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